Journal में एकाउंटिंग के नियम

Accounting rules in journal

जर्नल में अकाउन्टिग करते वक्‍त निम्‍नलिखित बातों का ध्‍यान रखना चाहिए।

1. Transaction से सम्‍बन्धित जिस Account को Debit किया जाये उसे Detail के कॉलम में बिलकुल सिरे से मिलाकर लिखे तथा उसके आगे इसी कॉलम में Dr. शब्‍द अवश्‍य लिखे।

2. Transaction से सम्‍बन्धित जिस खाते को Credit करना हो, उसे दूसरी लाइन में थोडा स्‍थान छोडकर, To शब्‍द के साथ लिखें।

3. हर प्रविष्‍टी (Entry) के नीचे विवरण (Narration) देना आवयश्‍यक है।

4.  विवरण (Narration) के बाद एक हल्‍की सी लाईन केवल Details के कॉलम में खीचें।

5. Entry से पहले Account का प्रकार – Personal, Real, Nominal का पता लगाऍं व Accounts के अनुसार नियमों को लागू करे।

  • Personal A/c – Debit the Receiver & Credit the Giver
  • Real A/c – Debit what come in & Credit what goes out
  • Nominal A/c – Debit the Expenses and Loss & Credit the Income and gains

6. Personal Accounts के नाम के साथ Account या A/c  लिखना आवश्‍यक नही होता है, जबकि Real and Nominal Accounts के साथ Account या A/c लिखना जरूरी है।

7. Debit या Credit किए जाने वाले Accounts का पहला लेटर बड़ा Capital अक्षर में लिखे, जैसे – Capital A/c, Ram, Rent A/c, Cash A/c आदि।

8. Debit व Credit किए जाने वाले Accounts के Amounts ठीक उसके सामने क्रमश: Debit व Credit कॉलम में लिखी जानी चाहिए।

9. सभी Transaction की Journal में Entry कर लेने के बाद उनके Amounts का जोड लगाना आवश्‍यक होता है।

10. Journal में Entry करते समय विभिन्‍न स्‍थानों पर जैसे जर्नल का Title, हॉरिजेनटल व वर्टिकल लाइनस, टाइटल, डिटेलस को एक दूसरे से अलग दिखाने तथा एक पेज का कुल योग अगले पेज पर ले जाने व लाने के लिए लाल स्‍याही का प्रयोग किया जाना चाहिए।

जर्नल का फार्मेट

Journal

DateParticularsL.F.DebitCredit
     

जैसा की पिछले पोस्‍ट मे हमने जाना है कि हर प्रकार के Accounts चाहे वह Personal हो Real हो या Nominal Account हमें किस आधार पर उन्‍हे Debit व Credit करना है। अब आगे हम इसकी Entry Journal Book में व Tally में करना सीखेगे। इसे अच्छी तरह से समझने के लिए आप पिछली पोस्‍ट को देख सकते है। Click Hear

नीचे दिए गए उदाहरण से अब आप यह पता  लगाइए की कौन सी Entry कहा पर होगी तथा उनके प्रकार के बारे में भी पता लगाइए और उस के अनुसार उनकी Entry किजिए।

उदाहरण :- निम्‍नलिखित सौदों की प्रवीष्टियॉ (Entries) विश्‍लेषण करने के बाद कीजिऐं।

1. राम ने 1,00,000 रूपये लगाकर व्‍यापार प्रारम्‍भ किया।
2. भारत फर्नीचर हाउस से 20,000 रूपये का फर्नीचर खरीदा।
3. 15,000 रूपये की मशीन खरीदी।
4. मोहन एण्‍ड कम्‍पनी से 20,000 रूपये का माल खरीदा।
5. मोहन एण्‍ड कम्‍पनी को 2000 रूपये का माल वापस लौटाया।
6. मोहन एण्‍ड कम्‍पनी को 1000 रूपये का भुगतान किया।
7. सुरेश एण्‍ड कम्‍पनी को 15000 रूपये का माल बेचा।
8. सुरेश एण्‍ड कम्‍पनी 1000 रूपये का माल वापस आया।
9. सुरेश एण्‍ड कम्‍पनी से 10,000 रूपये प्राप्‍त किया।
10. 3000 रूपये का ब्‍याज प्राप्‍त किया।
11. 2000 रूपये दुकान का किराया चुकाया।
12. राम ने निजी प्रयोग के लिए 2000 रूपये व्‍यापार से निकाले।
13. बैक में 1000 रूपये जमा करायें।
14. हरी से 10,000 रूपये का नगद माल खरीदा।
15. बैंक से 5000 रूपये निकाले।

Journal Book

NOTE:- आपको ये पोस्ट कैसी लगी आप हमें कमेंट के माध्यम से अवश्य बतायें। हमें आपके कमेंट्स का बेसब्री से इन्तजार रहेगा है। अगर आपका कोई सवाल या कोई suggestions है तो हमें बतायें, और हाँ पोस्ट शेयर जरूर करें।

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