Database Models in DBMS (डाटाबेस माॅडल्‍स)

Database Models

डाटाबेस मॉडल्स डाटा के लॉजीकल रूप में डिजाइन कर के देखने का एक तरीका है, जिसके माध्‍यम से हमारे द्वारा बनाये गए जटिल से जटिल डाटा को समझने में आसनी होती है। मॉडल डाटा के विभिन्‍न भागों के मध्‍य Relationship बनाने का कार्य करता है। हम डाटाबेस के विभिन्‍न मॉडल्‍स के बारे मे जानेगे जिनका उपयोग डाटाबेस के बीच के Relationship को समझाने के लिए किया जाता है।

हायरार्कीकल मॉडल

इस मॉडल में रिकार्ड को एक पेड़ की संरचना में एक साथ जोडा जाता है। डाटा को दिखाने के लिए रिकार्ड का उपयोग किया जाता है और रिलेशनशिप को लिंक करने के लिए या दिखाने के लिए पॉइंटर का उपयोग किया जाता है।

Collage Hierarchical Database Model
Collage Hierarchical Database Model

उदाहरण – के लिए  एक यूनिवर्सिटी में कई प्रोग्राम होते है, प्रत्‍येक प्रोग्राम में कई कोर्स होते है। तथा प्रत्‍येक कोर्स में कई विद्यार्थी रजिस्‍ट्रेशन करवाते है।

Pointer- डेटाबेस पॉइंटर व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले टपल की पहचान करने का एक रूप  है।
पॉइंटर डेटाबेस के इंडेक्सिंग सिस्टम की सलाह के बिना किसी डेटाबेस में डेटा तक पहुंचने का एक तेज़ और आसान तरीका है। 

इसके कुछ प्रमुख विशेषताए है। :-

  • संरचना का सबसे उपर का रिकाॅॅर्ड रूट कहलाता है।
  • रूट से ही संरचना की शुरूवात होती है इसका पैरेंट रिकॉर्ड नही होता।
  • किसी रूट में कितने ही चिल्‍ड्रन रिकॉर्ड हो सकते है, आगे इसके भी चिल्‍ड्रन रिकॉर्ड हो सकते है। तथा यह सब-ट्री के रूट बन जाते है।
  • प्रत्‍येक चाइल्‍ड रिकॉर्ड का केवल एक पैरेंट रिकॉर्ड होता है, लेकिन एक रूट के कई चिल्‍ड्रन हो सकते है।
  • बिना पैरेंट रिकॉर्ड के चाइल्‍ड रिकॉर्ड मैजूद नही रह सकता।
  • एक रिकॉर्ड के आगे कई चिल्‍ड्रन हो सकते है।
  • पैरेट रिकॉर्ड का डाटा सभी चाइल्‍ड रिकॉर्ड में उपलब्‍ध रहता है।

नेटवर्क मॉडल (NETWORK MODEL)

इसमें डाटा ग्राफ की संरचना होती है। जिसमें चाइल्‍ड नोट के लिए एक से अधिक पैरेंट होते है। डाटा को रिकॉर्ड द्वारा रिलेशनशिप को लिंक या पांइट द्वारा दिखाया जाता है।

हायरार्कीकल तथा नेटवर्क दोनों ही मॉडल रिलेशनशिप में एक ही समान होते है। क्‍योकि यह दोनो ही पॉइंटर का प्रयोग करते है। अंतर सिर्फ पैरेंट चाइल्‍ड रिलेशनशिप का होता है। हायरार्कीकल मॉडल में चिल्‍ड्रन का सिर्फ एक ही पैरेंट होता है, लेकिन नेटवर्क में एक से अधिक पैरेंट भी हो सकते है। वृक्ष संरचना एक विशेष प्रकार की ग्रॉफ संरचना है। जिसमें कोई चक्र नही होता।

Factory Network Database Model
Factory Network Database Model

उदाहरण – के लिए एक कारखाने में तीन उत्‍पादों P1, P2 तथा P3 का उत्‍पादन किया जाता है।  P1 व P2 के उत्‍पादन के लिए कच्‍चे माल R1, R2 तथा R3 की आवश्‍यक्‍ता होती है। इसके अतिरिक्‍त P1 में R1 की तथा  P2 में R5 की आवश्‍यक्‍ता होती है। P3 के उत्‍पादन के लिए कच्‍चे माल R4, R5, R6 तथा R7 की आवश्‍यक्‍ता होती है। तथा उदाहरण हेतु ग्राफ यह है।

रिलेशनल मॉडल

यह मॉडल दो दिशाओं के टेबल ( टू डायमेंशनल ) का उपयोग डाटा को दिखाने हेतु करता है। रिलेशनशिप को टेबल के माध्‍यम से ही प्रदर्शित किया जाता है। इस लिए इस टेबल को फ्लैट संरचना भी कहा जात है। प्रत्‍येक टेबल में कई कॉलम होते है, तथा प्रत्‍येक कालम का एक यूनिक नाम होता है। रिलेशनशिप मॉडल दूसरे मॉडल की तुलना में पॉइंटर व लिंक से  अलग होता है। रिलेशन में टेबल की वैल्‍यू के द्वारा रिलेशनशिप को दर्शाया जाता है। रिलेशनल मॉडल इस लिए भी अधिक प्रचलित है, क्‍योकि इसमें डाटा को रिकॉर्ड करना आसान होता है।

Relation Modal
Relation Modal

उदाहरण के लिए एक कर्मचारी के रिकॉर्ड को टेबल में इस तरह किया जाता है।

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