Computers Features and Advantages or Disadvantages (कम्‍प्‍यूटर की विशेषताऍं और लाभ तथा हानियॉं)

कम्‍प्‍यूटर की विशेषताऍं तो बहुत है जैसे की गणना करना, गति, सटीकता, किसी भी डाटा या इनर्फोरमेशन को प्रोसेस करना, और स्‍टोर करना, कम्‍प्‍यूटर किसी भी जटिल से जटिल टास्‍क को जल्‍द से जल्‍द पूरा कर सकती है, जिस कार्य को करने में मनुष्‍य सक्षम नही होता है। कम्‍प्‍यूटर का मूल रूप उपयोग गणना करने के लिए ही होता है। परन्‍तु आज कल इसका उपयोग गणना के अलावा भी कई कार्यों में किया जाता है। जैसे कि ग्राफिक डिजाइन करने में, इंटरनेट ब्राउज करने में, मल्‍टीमीडिया के क्षेत्र में भी इसका काफी उपयोग किया जाता है। आज कम्‍प्‍यूटर का कार्य सीमित न होकर काफी व्‍यापक हो चुका है। कम्‍प्‍यूटर का उपयोग अब हर क्षेत्र में होने लगा है।

कम्‍प्‍यूटर के विशेषताऍं और लाभ

गति – कम्‍प्‍यूटर किसी भी डेटा को प्रोसेस करने में समर्थ होता है। कम्‍पयूटर किसी भी कार्य का आउटपुट सैकण्‍ड से भी कम समय में दे सकता है। एक उच्‍च क्षमता वाला कम्‍प्‍यूटर लगभग तीन मिलियन कैल्‍कुलेशन (गणना) प्रति सेकण्‍ड की दर से कर सकता है। कम्‍पयूटर की गति इतनी  ज्‍याद होती है कि वह सही समय पर बिना किसी देरी गलती के यूजर को सही सूचना उपलब्‍ध करवाता है।

सटीकता – कम्‍प्‍यूटर की सटीकता भी एक निम्‍न विशेषताओं में से एक है। कम्‍प्‍यूटर किसी भी कार्य का बिलकुल सटीक और सही जवाब दे सकता है। कम्‍प्‍यूटर बिना किसी त्रुटि के सूचना प्रदान करता है। यदि प्राप्‍त सूचना में किसी भी प्रकार की त्रुटि होती है, तो इसका कारण कम्‍प्‍यूटर हार्डवेयर में होने वाली खराबी हो सकती है, अथवा कम्‍प्‍यूटर हार्डवेयर अगर सही तरह से कार्य नही कर रहा हो तब त्रुटि हो सकती है।

विश्‍वसनीयता – कम्‍प्‍यूटर के द्वारा जनरेट किए गए आउटपुट काफी विश्‍वसनीय होते है। लेकिन यह प्राप्‍त आउटपुट डाटा तब तक ही विश्‍वसनीय होते है। जब तक कम्‍प्‍यूटर को दिया गया इनपुट डाटा अथवा जानकारी सही तथा विश्‍वसनीय हो। कम्‍प्‍यूटर कभी भी किसी कार्य को निरंतर करते हुए थकता या उबता नही है। यह लम्‍बे समय तक बिना रूके कार्य कर सकता है।

स्‍वचालन – कम्‍प्‍यूटर में एक बार जब कोई इन्‍स्‍ट्रक्‍शन्‍स को फीड कर दिया जाता है, या प्रोग्राम किया जाता है। तब कम्‍प्‍यूटर बिना किसी रोक टोक के वह कार्य करना शुरू कर देता है जिसके लिए इसे प्रोग्राम किया गया हो। किसी भी मनुष्‍य के हस्‍तक्षेप के बिना यह स्‍वत: ही कार्य कर सकता है। जिस कार्य के लिए इसे प्रोग्राम किया जाता है। और यह कार्य करना तब तक जारी रखता है जब तक कम्‍प्‍यूटर का कार्य पूरा न हो जाए। या फिर इसे बन्‍द न किया जाए।

मानवश्रम मे कटौती – कम्‍प्‍यूटर का औद्योगिक क्षेत्रो में काफी प्रभाव है। कम्‍प्‍यूटर ने उद्यमियों को और भी ज्‍यादा कार्यकुशल बना दिया है। इसके परिणाम स्‍वरूप एक ही जैसे कार्य को करने के लिए कम श्रमबल की आवश्‍यकता पढती है। कम्‍प्‍यूटर को बैकों, उद्योगो, और करीबन सभी सरकारी और प्राइवेट सेक्‍टर तथा आफिस में देखा जा सकता है। यह काफी सुविधा जनक भी होता है। क्‍योकि कई सारे कार्य यह अकेला ही कर लेता है।

कागजी कार्यो में कटौती – कम्‍प्‍यूटरों के इस्‍तेमाल से कागजों की बर्बादी काफी कम हो गयी है। अब कई सारे कागजी कार्य कम्‍प्‍यूटर में पूरे हो जाते है। तथा किसी रिकार्ड या जानकारी को कम्‍प्‍यूटर में रखना काफी सुविधाजनक तथा सुरक्षित होता है। कागजों के मुकाबले इनके खोने तथा खराब होने का कोई डर नही होता है। जैसे – किसी स्‍कूल में विद्यार्थीयों का रिकार्ड किसी कागजी फाईल में रखने के बजाय उस रिकार्ड को कम्‍प्‍यूटर में स्‍टोर करना काफी आसान तथा सुविधाजनक होता है। तथा आवश्‍यकता होने पर किसी एक विद्यार्थी की जानकारी आसानी से खोजी जा सकती है।

स्‍मरण की क्षमता – कम्‍प्‍यूटर अपनी स्‍टोरेज क्षमता के कारण भी काफी उपयोगी होता है। कम्‍प्‍यूटर मे सूचना को स्‍टोर करने तथा उसे प्राप्‍त करना काफी आसान होता है। कम्‍प्‍यूटर अपनी सारी जानकारी को कई वर्षो तक सुरक्षित रख सकता है, और जरूरत पढ़ने  पर उपयोग में भी लाया जा सकता है। कई वर्षो तक भी जानकारी स्‍टोर रखने के बाद भी इसमें रखी गई जान वैसे ही रहती है, जैसे की पहले दिन स्‍टोर करते वक्‍त होती है।

कम्‍प्‍यूटर की हानियॉं

स्‍वम सोच पाने की अक्षमता – कम्‍प्‍यूटर स्वम से सोच नही सकता है। और खुद निर्णय भी नही ले सकता है। अगर कभी कोई गलती हो जाए तो तो उस स्‍थित में यह कोई ऐक्‍शन नही ले सकता है। और न ही कोई कार्य कर सकता है।

बुद्धि और समय की कमी – मनुष्‍य के विपरीत कम्‍प्‍यूटर का कोई IQ (बुद्धि) नही होती है। इसे कार्य करने के लिए प्रत्‍येक कदम पर निर्देश की आवश्‍यकता होती है। तथा निर्देश दिए जाने पर ही यह किसी कार्य को सम्‍पन्‍न करता है।

निर्भता – यह यूजर के दिए गए निर्देश के अनुसार कार्य करता है तथा उस कार्य को पूरा करता है। यह अभी भी पूर्ण रूप से मनुष्‍य के उपर निर्भर करता है।

भावहीनता – कम्‍प्‍यूटर भावहीन होता है। अर्थात इसमें संवेदना या भावना का आभाव होता है। यह मनुष्‍य की तरह भावना व्‍यक्‍त नही कर सकता है जैसे की पसंद, स्‍वाद, अनुभव, दर्द आद‍ि।

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