Generation of Computer (कम्‍प्यूटर की पीढियाँ)

Generation of Computer

कम्‍प्‍यूटर की पीढियाँ एक महत्‍वपूर्ण चर्चा का विषय है। दूसरे विश्‍व युद्ध के बाद कम्‍प्‍यूटरो का विकाश बहुत तेजी से हुआ और इनके आकार प्रकार में भी काफी परविर्तन हुए। यू तो हर किताब में इनके विकाश का वर्ष अलग अलग हो दर्ज हो सकता है आइए जानते है कि कम्‍प्‍यूटर की विभिन्‍न पीढियाँ कौन सी है यह कितने प्रकार की है, और इनकी क्‍या क्‍या विशेषताए है।

कम्‍प्‍यूटर को पाँच पीढियाँ में बाँटा गया है ।

कम्‍प्‍यूटर की प्रथम पीढ़ी (1940 – 1956)

1st generation ENIAC computer
1st generation ENIAC computer

क्‍म्‍प्‍यूटर की प्रथम पीढ़ की शुरूवात 1940  से 1956 तक मानी जाती है। दूसरे विश्‍व युद्ध के दौरा अमेरीकी सेना को तकनीकी कारणों के चलते दुश्‍मनों के लक्ष्‍य के बारे में जानकरी प्राप्‍त करने में काफी परेशानी होती थी। डाँ जान मुचली और उनके सहायक जे. प्रेस्‍पर एस्‍कर्ट ने इन समस्‍याओ को हल करने के‍ लिए इलेक्‍ट्रानिक कम्‍प्‍यूटर बनाने का प्रस्‍ताव रखा। इन दोनो ने लार्ज जनरल परपज कम्‍प्‍यूटर यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया में (द इलैक्‍ट्रानिक न्‍यूमेरिकल इन्‍टीग्रेटर, एण्‍ड कैलकुलेटर) डेवलप किया जिसे हम ENIAC के नाम से जानते है। इसमें मशीनी भाषा का प्रयोग किया गया था। इसमें मेमोरी के तौर पर चुम्‍बकीय टेप एवं पचकार्ड का प्रयोग किया जाता था। यह 100 फीट लम्‍बा और 10 फीट उँचा हुआ करता था। इसमें । इसमें 1800 वैक्‍यूम ट्यूब लगे होते थे, और लगभग 140 किलोबाट इलैक्ट्रिसिटी खपत होती थी। और यह 130 टन वजनी था।

कम्‍प्‍यूटर की दूसरी पीढ़ी (1956 – 1964)

IBM 1401 Computer 2nd Generation
IBM 1401 Computer 2nd Generation

कम्‍प्‍यूटर की दूसरी पीढ़ी (1956 – 1964) क्‍म्‍प्‍यूटर की प्रथम पीढ़ की शुरूवात 1956  से 1964 तक मानी जाती है। इस पीढ़ी में वैक्‍यूम टयूब के बदले ट्राँजिस्‍टर का प्रयोग किया गया। जिसका अविष्‍कार विलियम शॉकले ने सन् 1947  में किया था,  इसकी कार्यप्रणाली भी वैसी ही थी जैसा वैक्‍यूम टयूब का होता है। लेकिन ट्राँजिस्‍टर के उपयोग से इसकी कार्य करने की गति बढ़ गयी थी और यह कम ऐनर्जी का उपयोग करता था। इसमें असेम्‍बली भाषा का प्रयोग किया जाता था। इसमें मेमोरी के तौर पर चुम्‍बकीय टेप का प्रयोग किया जाता था। इस पीढ़ी के कम्‍प्‍यूटर में आईबीएम – 1401 प्रमुख है जो कि काफी लोकप्रीय था और इसका उत्‍पादन भी बडे पैमाने पर किया गया था। यूनिवैक मुख्‍य कम्‍प्‍यूटरों में से एक है।

कम्‍प्‍यूटर की तीसरी पीढ़ी (1964 – 1971)

univac 1108 3rd Generation Computer
univac 1108 3rd Generation Computer

क्‍म्‍प्‍यूटर की प्रथम पीढ़ की शुरूवात 1964  से मानी जाती है। इस जनरेशन में IC (Integrated circuit) का प्रयोग किया जाने लगा। IC का अविष्‍कार जेक किबली ने किया था। इसमें हाई लेविल भाषा का प्रयोग कम्‍प्‍यूटर को प्रोग्राम करने के लिए किया जाने लगा। इसमें मेमोरी के तौर पर चुम्‍ब्कीय डिस्‍क का प्रयोग होने लगा। इस नई पीढ़ी के कम्‍प्‍यूटरों के मदद से मल्‍टी प्रोग्रामिग एवं मल्‍टी प्रोससिंग सम्‍भव हो पाया था। प्रथम और दूसरे पीढ़ी की तुलना में इनका आकार और वजन बहुत कम हो गया था। और इनका रख रखाव भी आसान था।

Integrated Circuit & Floppy Disk
Integrated Circuit & Floppy Disk

कम्‍प्‍यूटर की चौथी पीढ़ी (1971 – अब तक)

4th Generation Computer
4th Generation Computer

क्‍म्‍प्‍यूटर की प्रथम पीढ़ की शुरूवात 1971 से अब तक मानी जाती है। इस पीढ़ी में Intergrated Circuit को अधिक विकसित किया गया जिसे लार्ज इन्‍टीग्रेटेड सर्किट कहा जाता है। इस अविष्‍कार से पूरी सेन्‍ट्रल प्रोसेसिग यूनिट एक छोटी सी चिप में आ गई है जिसे माईक्रोप्रोसेसर कहा जाता है इसमें हाईलेवल प्रोग्रामिग लेगवेज का प्रयोग किया जाता है यह कम्‍प्‍यूटर कार्य करने के लिए साफ्टवेयर का प्रयोग किया जाता है और यह अपने पुराने किसी भी कम्‍प्‍यूटर की पीढी से अधिक तेज व विश्‍वश्‍नीय है। अब एक आम आदमी के जीवन में कम्‍प्‍यूटर का बहुत बडा योगदान है 1970 के वर्ष में केवल MITS जिसे कम्‍प्‍यूटर बनाने वाली अकेली कम्‍पनी माना जाता थाा जिसने पहला माइक्रो कम्‍प्‍यूटर ALTAIR 8800 लाँच किया। इसी कम्‍प्‍यूटर पर बिल गेटस ने बेसिक क्‍म्‍प्‍यूटर भाषा का अविष्‍कार किया। इस सफल प्रयास के बाद बिलगेटस ने माइक्रोसॉफ्ट कम्‍पनी की स्‍थापना की जो की आज विश्‍व की सबसे बड़ी साफ्टवेयर बनाने वाली कम्‍पनी कें नाम से जानी जाती है।

कम्‍प्‍यूटर की पाँचवी पीढ़ी

5th Generation of Computer
5th Generation of Computer

क्‍म्‍प्‍यूटर की पाँचवी पीढी में वर्तमान के शक्तिशाली एंव उच्‍च तकनीक वाले कम्‍प्‍यूटर से लेकर भविष्‍य के कम्‍प्‍यूटर तक को शामिल किया गया है इस पीढ़ी के कमप्‍यूटरों में कम्‍प्‍यूटर को आर्टिफिशियल इन्‍अेलिजेन्‍स को भी शामिल करने की कोशिश जारी है। आज के कम्‍प्‍यूटर इतने उन्‍नत है कि वे हर क्षेत्र में फैले हुए है और कई सारे कार्य स्‍वत: ही पूरे कर देते है और आपस में जानकारी भी आसानी से आदान प्रदान कर सकते है इनका आकार भी काफी छोटा हो गया है और इनकी सग्रहण क्षमता भी काफी ज्‍यादा बढ़ चुकी है। और कार्य करने की गति भी बहुत तेज हो चुकी है इनमें कई सारे कार्य बिना किसे रूकावट के किए जा सकते है और इनमें अन्‍य कई सारी इलेक्‍ट्रानिक डिवाइस की विशेषता भी आ चुकी है इनका क्षेत्र भी काफी व्‍यापक हो चुका है, इनका उपयोग घर के व्‍यक्तिगत कार्यो से बैकों स्‍कूलो हास्‍पिटल से लेकर आधुनिक उद्योगों तक में इनका उपयोग होने लगा है।

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